जूनौ कोस
नूवौ कोस
लोक परंपरा
ई-पुस्तक
महोत्सव
Quick Links
जूनौ कोस
नूवौ कोस
लोक परंपरा
ई-पुस्तक
महोत्सव
साइट: परिचय
संस्थापक: परिचय
अंजस सोशल मीडिया
जरैं अपेय अचळ जळ जाणे
सूर्यमल्ल मीसण
Favourite
Share
Share
जरैं
अपेय
अचळ
जळ
जाणे,
तोड़े
अरर
मुच्छ
कर
ताणे।
मथे
जवन
दळ
उदधिखीर
मित,
अचळ
हुवो
तिलतिल
सुर
अंचित॥
स्रोत
पोथी
: वंश भास्कर भाग 3
,
सिरजक
: सूर्यमल्ल मीसण
,
संपादक
: डॉ. चंद्रप्रकाश देवल
,
प्रकाशक
: साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
,
संस्करण
: प्रथम
जुड़्योड़ा विसै
महिमा
जोधौ
जीत
डिंगल