अग्गैं परिसर अटत करत स्वसखिन सह क्रीड़न।
कंदर जमुना कूल ढुंढ वह निरखि तपोधन।
पुज्ज ताहि पय प्रनमि मंगि बर लियउ जथामति।
अठ्ठ अधिक सत सखिय रहै इक थान बंधि रति।
संतति प्रवीर पावहिं सकल ललित इष्ट यह जिहिं लयो।
कमला सु व्याहि सोमेस कंहं दायज बहु तोमर दयो॥