कक्षा उर सिथिल प्रलम्ब थूल कुक्षि गल,
पेचक मृगेंद्र दृष्टि मंद कै अे मानें हैं।
ह्रस्व रद सूंडा कंठ मेहन उदार लोम,
कर्ण पय थूल नैन मृग कै बखानें हैं॥
मिश्र के अे चिन्ह सब मिश्रित मुनिन कहे,
तीजो अंग बाजी तास भेद बहु ठानें हैं।
जैसो खेत जाको तैसो रूप रय अर्घ आयु,
सत्व बल विक्रम प्रतीत पहिचानें हैं॥