सविया दोय मुहुक्कर्मा सुत, जिके पढण बितरण रण जयजुत।

अग्रज रामचंद्र मन उज्जळ, खिच्चीराज अनुज गाहण खळ॥

स्रोत
  • पोथी : वंश भास्कर भाग 3 ,
  • सिरजक : सूर्यमल्ल मीसण ,
  • संपादक : डॉ. चंद्रप्रकाश देवल ,
  • प्रकाशक : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली ,
  • संस्करण : प्रथम
जुड़्योड़ा विसै