रबाज तत् वाद्य है। इस वाद्ययंत्र में 12 तार होते हैं। रबाज संरचना में कामायचा की तरह होता है लेकिन इसे बजाने में गज का इस्तेमाल नहीं होता। यह वाद्ययंत्र ऊँगली के नाखुनों से बजाया जाता है। मेवाड़ में रावल व भाट जाति के द्वारा ‘रम्मत’ नामक लोकनाट्य में रबाज वाद्य यंत्र बजाया जाता है। रबाज वाद्ययंत्र पाबुजी की लोकगाथा गाते समय भील जाति के भोपों के द्वारा भी बजाया जाता है।