होळी रो रातीजोगो, मारवाड़ होळी, 2023

#Anjas #AnjasMahotsav राजस्थान में आडै दिनां में तो भजन अर गीत-गान सारू बंतळां व्है इज है, पण होळी रै समै होवण वाळा रातीजोगां रौ आपरौ अेक अनूठौ कलेवर है। आं संगतां में कबीर, मीरा, राणी रुपादे अर लोक रा दूजा कई संतां रा भजन गाइजै। प्रस्तुत वीडियो राजस्थान रै जालोर ज़िले रै सायला गाम रौ है। अठै सगळा माळी लिखमाराम ‘नाभि कमल नेजा रोपिया’ गा रिया है। इण भजन में मन री चंचलता अनै जगत री तिरसणावां सूं मुक्ति री बात कैयी है। Facebook: https://www.facebook.com/anjasrajasthani Instagram: https://www.instagram.com/anjasrajasthani/ Twitter: https://twitter.com/anjasrajasthani Literature Website: https://anjas.org/ Festival Website: https://anjasmahotsav.org/ ___________________________________________________________________________________अंजस कांई? अंजस राजस्थान री कला, साहित्य अर संस्कृति रो कोस है जिणमें सामिल है— कविता, कथा, कहाणी, बातां, ख्यातां अर लोक रो फूटरापौ। आ खेचळ रेख्ता फाउंडेशन कीन्ही है। अंजस रा अंग अबार इण खेचळ रा कैई न्यारा-न्यारा अंग है: जूनौ कोस: 13वीं सदी सूं ले’र 19वीं सदी रै लिखित साहित्य रो कोस। नूवौ कोस: सन् 1900 सूं आज तांई री लिख्योड़ै साहित्य रो कोस। वाचिक परंपरावां रो कोस जिण मांय सामिल रैसी लोक कथा, लोक गीत, औखाणा, संस्मरण इत्याद। अंजस महोत्सव: राजस्थानी भासा अर साहित्य रो वार्षिकोत्सव। भविख री बाट अंजस राजस्थानी भासा रो सगळा सूं लूंठो कोस बण’र त्यार होवैला अेड़ी आसा है। ओ कोस राजस्थानी पाठक वर्ग नै पूरै रूप सूं बिन्या कोई पैसां रै सब जिग्यां उपलब्ध रैवैला। आ खेचळ कितरी सारथक होवै इण बात री साख तो राजस्थानी रो आखौ पाठक वर्ग तै करेला, पण आपरी सिमरधता रै साथै जारी राजस्थानी रो पैलो उपक्रम है।