#Anjas #AnjasMahotsav राजस्थान में होळी रै तिंवार रा गाम परगणे मांय घणा कलेवर है, न्यारे न्यारे तरीके रे फाग रा गीत अर न्यारे न्यारे तरीके रा गेर रा निरत। सब जगयां री फाग आगती-पागती रै लोक दीठ नै जानने रो भी स्रोत है। गोडवाड़ खेतर रै सोनाणा-खेतळा जी मांय बीबळसर गांव रै मेघवाल समुदाय रै लोगां कान जी, वैल जी रै किस्सा माथै फाग प्रस्तुत करी। इण फाग रा मांय दरज विरतांत रै अनुसार कान जी, वैल जी भीनमाल परगणे रा डाकू हता, पैळ तो छोटी-मोटी चोरी करतां पण इक दिन रेल रे बाबू चोरी रो मैणो देय टिकट देवण सूं मना कर दियो, जणै उवां रेल लूट ळी। रेल लूट वा लोग सुंधा माता रा दरशन कर आधी धाडी सुंधा माता मन्दर मां चढा दीवी। इण किस्से रो आज भी बखाण आपा नै गोड़वाड़ रै फाग मां सुनण नै मिले। Facebook: https://www.facebook.com/anjasrajasthani Instagram: https://www.instagram.com/anjasrajasthani/ Twitter: https://twitter.com/anjasrajasthani Literature Website: https://anjas.org/ Festival Website: https://anjasmahotsav.org/ ___________________________________________________________________________________अंजस कांई? अंजस राजस्थान री कला, साहित्य अर संस्कृति रो कोस है जिणमें सामिल है— कविता, कथा, कहाणी, बातां, ख्यातां अर लोक रो फूटरापौ। आ खेचळ रेख्ता फाउंडेशन कीन्ही है। अंजस रा अंग अबार इण खेचळ रा कैई न्यारा-न्यारा अंग है: जूनौ कोस: 13वीं सदी सूं ले’र 19वीं सदी रै लिखित साहित्य रो कोस। नूवौ कोस: सन् 1900 सूं आज तांई री लिख्योड़ै साहित्य रो कोस। वाचिक परंपरावां रो कोस जिण मांय सामिल रैसी लोक कथा, लोक गीत, औखाणा, संस्मरण इत्याद। अंजस महोत्सव: राजस्थानी भासा अर साहित्य रो वार्षिकोत्सव। भविख री बाट अंजस राजस्थानी भासा रो सगळा सूं लूंठो कोस बण’र त्यार होवैला अेड़ी आसा है। ओ कोस राजस्थानी पाठक वर्ग नै पूरै रूप सूं बिन्या कोई पैसां रै सब जिग्यां उपलब्ध रैवैला। आ खेचळ कितरी सारथक होवै इण बात री साख तो राजस्थानी रो आखौ पाठक वर्ग तै करेला, पण आपरी सिमरधता रै साथै जारी राजस्थानी रो पैलो उपक्रम है।