शिशिर पर कवितावां

छह ऋतुओं में से एक शिशिर

शीत ऋतु है; जब घना कोहरा छाने लगता है, दिशाएँ धवल-उज्ज्वल हो जाती हैं और भारी ओस से प्रकृति भीग जाती है। मान्यता है कि शिशिर में सूर्य अमृत-किरणों की वर्षा करता है। प्रस्तुत चयन में शिशिर को विषय बनाती कविताओं का संकलन किया गया है।

कविता5

रट्ठ

राजूराम बिजारणियां

सूरज

जगदीश गिरी

रठ में ठर

सत्यदीप ‘अपनत्व’

कजोड्या री कविता

भगवती लाल व्यास