मौसम पर दूहा

किसी स्थान विशेष की

दिन-प्रतिदिन की वायुमंडलीय दशा को मौसम कहा जाता है। मौसम का कवि-मन पर प्रभाव पड़ना और प्रभावतः अभिव्यक्तियों का जन्म अत्यंत नैसर्गिक स्थिति है। इस चयन में ऐसी ही कुछ कविताओं का संकलन किया गया है।

दूहा7

बळबळती दोफैर

अनिता वर्मा

जेठ मास

अनिता वर्मा

ठंड रुत का दूहा

अनिता वर्मा

दूहा लूंकार रा

संतोष कुमार पारीक

गरमी

गुमानसिंह शेखावत

पतझड़

जयसिंह चौहान 'जौहरी'

मौसम रा दूहा

गुमानसिंह शेखावत