धूप पर कवितावां

कविता21

धरम री बहन

देवीलाल महिया

सूरज

जगदीश गिरी

आपांरै बिचाळै

चन्द्र प्रकाश देवल

सूरज

शंभुदान मेहडू

रात बावळी

राजू सारसर 'राज'

माटी जद बात संभाळी

प्रमिला शंकर

जिद्दण रात (45)

सुंदर पारख

मनवार

हरीश बी. शर्मा

कूंट

हरीश बी. शर्मा

रट्ठ

राजूराम बिजारणियां

सबद : नौ

प्रमोद कुमार शर्मा

ताणियोड़ी भरत माथै

मीठेश निर्मोही

सूरज अर मजूर

पूनमचंद गोदारा

तावड़ो रो थान

रेणुका व्यास 'नीलम'

आसान कोनी

सुमन पड़िहार

अडाणगत सुख

चेतन स्वामी

उगतो सूरज

उगमसिंह राजपुरोहित 'दिलीप'

बुढ़ळियौ सूरज

शंभुदान मेहडू

तपता सूरज नै कहिज्यौ रै

कल्याणसिंह राजावत