ग्रीष्म पर कवितावां

ग्रीष्मकाल के रूप में

ऋतु-परिवर्तन और जमा अनुभूतियों-अनुभवों पर लिखी कविताएँ का संग्रह।

कविता11

जेठ

रेवतदान चारण कल्पित

ऊनाळै रो बाग

अन्ना अख्मातोवा

उन्हाळो

भेरूसिंह राव क्रांति

लू री लपटां

जगदीशचन्द्र शर्मा

तपता सूरज नै कहिज्यौ रै

कल्याणसिंह राजावत

सूरजियै रौ ओळमौ

सत्यदेव चूरा

आसरौ

शिवराज छंगाणी

जेठ में

गोरधन सिंह शेखावत

तपत अर किसान

बिशनाराम स्वामी