राजस्थानी पर लेख
पटा, परवाना, रुक्का, खत, पत्र आदि राजस्थानी भासा रौ नाम लेवतां ही म्हारै निजरां आगै राजस्थान रो वो नक्सो आ जावै जिण में लाखों लोग आपरै टाबरपणै सूं लगाय बूढापै तक आपरी मायड़ भासा बोलता रैहवै, इण भासा रो नाम लेवतां वै पुराणा नाम याद आवै जिकां सूं भारत