राजस्थानी पर लेख
पटा, परवाना, रुक्का, खत, पत्र आदि राजस्थानी भासा रौ नाम लेवतां ही म्हारै निजरां आगै राजस्थान रो वो नक्सो आ जावै जिण में लाखों लोग आपरै टाबरपणै सूं लगाय बूढापै तक आपरी मायड़ भासा बोलता रैहवै, इण भासा रो नाम लेवतां वै पुराणा नाम याद आवै जिकां सूं भारत
अतीत री इतिहास जातरा में मौजूदा राजस्थान आपरी न्यारी-न्यारी रियासतां रै नांव सूं ओळखीजतो रह्यो है। घणी दफै राज-सत्तावां री अदळा-बदळी, सींवां री घटत-बधत अर दूजा इतिहास कारणां सूं आं रियासतां रा सरूप बदळता रह्या। प्रदेस रो उतराधो हलको जठै जांगळ नांव