कवि पर कवि पर लेख
एक कवि की दूसरे कवि
पर लिखी गई कविता।
पर लिखी गई कविता।
आ बात म्हनै घणी संजीदा अर अरथाऊ लागी के ‘अपरंच’ रौ अेक आवगौ अंक आठवैं दसक री राजस्थानी कविता– खासकर सन् 1971 में प्रकासित ‘राजस्थानी-अेक’ री कवितावां, उणरी भूमिका अर असर माथै केंद्रित राख पूरसल विचार करीजै। निस्चै ई औ विचार म्हनै राजस्थानी नुंवी कविता