नारायणसिंह भाटी सूं श्याम सुंदर भारती री बंतळ
ओ धन पाछौ हाथ नीं आवणौ है
श्यामसुंदर भारती : राजस्थानी साहित्य, खासकर कविता कांनी आपरी रुचि किंयां होई?
नारायणसिंह : राजस्थानी साहित्य कानी म्हारी रुचि रौ सब सूं बडौ कारण राजस्थानी संस्कृति सूं म्हारौ गैरौ लगाव है। म्हांरै गांव में जिकौ सांस्कृतिक