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गेर नृत्य पर लेख

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गवरी नृत्य

गवरी नृत्य राजस्थान के मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र की भील जनजाति, जिसमें उदयपुर, बांसवाडा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और राजसमन्द जिले आते हैं— द्वारा किया जाता है। यह भीलों की प्रचलित एक लोक नृत्य परम्परा है, जो उनके धार्मिक जीवन के पक्ष हमारे सामने प्रस्तुत करती

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गैर नृत्य

‘गैर’, ‘घेर’ या ‘गेहर’ शब्द का अर्थ गोल घेरे में नृत्य करना होता है। यह होली के दूसरे दिन से शुरू होता है तथा लगभग 15 दिनों तक चलता है। मुख्यतः यह नृत्य मेवाड़ तथा बाड़मेर क्षेत्र में किया जाता है। इस नृत्य में पुरुष— जिन्हें ‘गैरिये’ कहा जाता है— लकड़ी

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