राम गाय, वेग ध्याय, मन माय, दूर नहीं जाइयै।
प्रेम प्रीत, जुग जीत, सूर सत, रूम लिव लाइयै॥
अगम आय, नीर पाय, ध्यान लाय, एक ही मिलाइये।
अघाद वात, नावै हात, रामा कहत, गुरु गम्म ही तै पाइये॥