आजादी

आजादी रै पाछै
देश रौ होग्यौ बुरो हाल
जनता रैयगी भूखी
अर नेता चरग्या माल।


कसूर

म्हे कर्‌यो बडो कसूर
कर’र आल इंडिया टूर
बठै होटल आळां म्हारा
फाड़ लिया पूर।


खोट

सगळा मांय
अेक ई खोट
जठै ई जावां
मांगै नोट।


प्रधान

बांकणै स्यूं पैलां मुक्को
निकळ ज्यावै प्राण
बात कोई मानै कोनी
बण ज्यावै प्रधान।


टुणकलो

बहू सूख’र
इसी हुगी
जिस्यो हुवै
तिणकलो
बीनै खाग्यो भाया
सासूजी रौ टुणकलो।


रोडमोड

म्हारै सिर मांय पड़ी जूंआं
तो रोडमोड कर्‌यां सरग्यो
पण लोग पूछै मन्नै
थारै कुण मरग्यो?


पड़दाफास

सूरज नै उगतां देख’र
तारा होया उदास
अण बैरी कर दिया
म्हारा पड़ादाफास।
स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : दौलतराम डोटासरा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन, पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-19
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