टणमण बाजै टाल, रिमझिम बरसै मेवड़ो।
औरै मधरो चाल, करसो गातो, मोलका।
सोधो सरळ सुजान, भारत बण धारक द्रढी।
करमठता से स्यात, मन-बळ तगड़ो, मोलका।
यो खेतां रो वीर ठड्डै सूं राखै धरा।
भज-बळ में तकदीर, मानै करसो, मोलका।
छोड़ भावना-लोक, सदा यथारथ भोगणो।
बंधन सक्यां न रोक, करसै रो पथ, मोलका।
झूंपो टापी छान, खुड्डी सादो टापरो।
तगड़ी पण मन-तान, धन-धन करसो, मोलका।