टणमण बाजै टाल, रिमझिम बरसै मेवड़ो।

औरै मधरो चाल, करसो गातो, मोलका।

सोधो सरळ सुजान, भारत बण धारक द्रढी।

करमठता से स्यात, मन-बळ तगड़ो, मोलका।

यो खेतां रो वीर ठड्डै सूं राखै धरा।

भज-बळ में तकदीर, मानै करसो, मोलका।

छोड़ भावना-लोक, सदा यथारथ भोगणो।

बंधन सक्यां रोक, करसै रो पथ, मोलका।

झूंपो टापी छान, खुड्डी सादो टापरो।

तगड़ी पण मन-तान, धन-धन करसो, मोलका।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : उदयवीर शर्मा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-17
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