राजस्थानी सबदकोस

राजस्थानी सबदां रो अरथ पिछाणन अर जाणन रै वास्तै राजस्थानी डिक्शनरी में अठै आपणों सबद लिखो अर ई शब्दकोश रै जरिये जुड़ो।

रेवती रो राजस्थानी अर्थ

रेवती

  • शब्दभेद : सं.स्त्री.

शब्दार्थ

  • रेवत मनु की माता का नाम
  • राजा रेवत की पुत्री तथा बलरामजी की पत्नी जिससे बलराम के निशठ और उल्मुक नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए थे। वि.वि.--राजा रेवत अपनी पुत्री के लिए सर्व गुण सम्पन्न योग्य वर की खोज में अपनी पुत्री को साथ लेकर ब्रह्म लोक गये। उस समय वहां पर गीत और नृत्य होने के कारण राजा रेवत को दो एक क्षण वहां रुकना पड़ा। राजा रेवत का निवेदन सुन कर ब्रह्मा ने कहा कि आपको यहां रहते हुए सत्ताईस चतुर्युग व्यतीत हो गए हैं। अब द्वापुर युग में भगवान्‌ का अंशावतार बलराम द्वारका में रहते हैं। यह नारीरत्न को उन पुरुष श्रेष्ठ बलरामजी को दीजिये। ब्रह्मा को वंदना कर अपनी सुकुमारी पुत्री का पाणिग्रहण बलराम के साथ कर दिया। बलराम की मृत्यु होने पर रेवती भी उनके साथ चिता में अग्नि प्रवेश कर सती हुई थी
  • महर्षि भरद्वाज की बहन जो अत्यन्त कुरूप थी और भरद्वाज ने अपने कठ नामक शिष्य को विवाह में दी थी। यह गोदावरी में स्नान करके रूपवती हो गई। जहां पर स्नान करके इसने सौन्दर्य प्राप्त किया था वह स्थान रेवती नामक तीर्थ हो गया