वज्रसेन सूरि
आदिकाल रा कवि
आदिकाल रा कवि
वज्रसेन सूरि राजस्थानी साहित्य रै आदिकाल रा सुरूआती कवेसरां में ठावी ठौड़ राखै। वां री रच्योड़ी ‘भरतेश्वर बाहुबलि घोर’ राजस्थानी भासा री जूनी रचनावां में महताऊ ठौड़ है। वज्रसेन सूरि रै जलम री ठौड़ आद बाबत घणी जाणकारी नीं मिळै। वै जैन मुनि देवसूरि रा सिस्य हा अर धरम प्रचार रै साथै साहित्य रो सिरजण ई कर् यो। वज्रसेन री इण महताऊ रचना रो सिरजण-बगत संवत 1225 मान्यो जावै