राजस्थानी रा चावा कवि।
भाषा अर विग्यांन
कोरौ ग्यान समझ बिन खोटौ
मरु सुन्दरी ‘मूमळ’
फकीरी
राजस्थानी भाषा
रुठयो इन्दर