अै कठफोड़ा आभौ अबखापणौ अंतस् मीठास अणथंभियौ आकास आसरौ बस्ती रो बदळाव बावड़ी चानणी रात चौबोली धंधूणी लगा भाया! जागो रे जय गणतंत्तर जिनगानी कुल्हाड़ी लै संभाळ थारौ कविकरम लोकराज माला रा मिणियां मिणिया पगरखी प्रीत रोहिड़ै रौ फूल समै रो पगफेरो