शंकरसिंह राजपुरोहित जलम: 1969 bikaner चावा कवि-गद्यकार। मीठे कंठ रा धणी। 'म्रित्यु रासौ' चर्चित पोथी।
आपौ अर औकात आतम-निरभर आभै रै उण पार अढाई आखरां रौ अभिमन्यु भरम रै भतूळियै भावी रौ भणकारौ हास्य कवितावां कविता पेटै चिंता कीकर है मां? म्हारी धा नाग-निसरणी पाछी जलमी कविता पांख ऊपर आंख रात पछै परभात रचूं कविता सावचेत रैईजौ जायसी महाराज सिरोपाव थूं अर म्हैं उतारदौ खादी