रामजीलाल घोड़ेला 'भारती' जलम: 1961 bikaner राजस्थानी बाल साहित्य में बरोबर काम। आधा दरजण पोथ्यां ई छप'र आई सामीं।
बिन्दी छियां दाज धान हरिद्वार हैलो राजस्थानी रो हेलमेट ईराक जुद्ध रो घाव मा री मै'मां निवण वीर जवानां नै पेंशन रेडियो रूंख सासू सीख टोळो टूणो