ठावा कवि-संपादक। तेजसिंह जोधा सम्पादित 'राजस्थानी-१' में सामिल कवि।
नैनी कवितावां
अै सवाल
आदमी अर लुगाई रौ हेत
गोकरण री दड़ूक
जनवाणी धरती
गीत : किरसाणां रो
गीत : गाडिए लुहारां रो
गीत : धन-धीणे रो
गीत : पंछीड़ां रो
गीत : राईकै रो
राजस्थानी काव्य में ‘ओळमा’