गाडण चोला
गाडण चोला मध्यकाल रा सांतरा अर बीकानेर महाराजा सूरसिंह रा आश्रित कवि
गाडण चोला मध्यकाल रा सांतरा अर बीकानेर महाराजा सूरसिंह रा आश्रित कवि
गाडण चोला बीकानेर महाराजा सूरसिंह रा आश्रित कवि हा अर मध्यकाल रा सांतरा कवि हा। वां बीकानेर महाराजा सूरसिंह री कीरत-बरणाव करण वाळी अेक वेलि ’महाराजा श्री सूरसिंघ जी री वेल रौ सिरजण कर्यो। आ वेलि इकतीस छंदां मांय रच्योड़ी है अर सिल्पगत दीठ सूं घणी सांतरी रचना है।