भगवती लाल व्यास
राजस्थानी कविता-जातरा रा सिरैनांव कवि। 'अणहदनाद' कविता संग्रै सारू केंद्रीय साहित्य अकादमी रो सिरै पुरस्कार।
राजस्थानी कविता-जातरा रा सिरैनांव कवि। 'अणहदनाद' कविता संग्रै सारू केंद्रीय साहित्य अकादमी रो सिरै पुरस्कार।
आग
आतमा सूं
अगनी मंतर
आजादी
एकलो हाथ
अमूझणी भर्या दिन
अणहद नाद
अणाहूत
बगत
बंटवारो
बसंत
बुणगट
छनीक
दीतवार रै दिन
डूंज-बायरा
एक बुद्ध अर तीन साँच
इण तरै रा सून्याड़ में
जूनो संगती
कागद री नाव
काळ अर भूख
कठा सूं आवै है सबद
कवि अर कविता
कीड़ी चुगो
म्हूँ जनता हूँ
मां
म्हारे गांव रा लोग
नफरत
पगरखी
पांखी री पीड़
रामजी रा घोड़ा
सबद चिरकली
सांच: दो कवितावां
शमसाँण री कणेर
सिरजण
सितोळिया
तिरस
वन-महोच्छब
वो तोड़ै है
ज़िन्दगी