रांम कहौ कलि वहु क्यूं आवै। मारि काळ संगि घेरि चलावै॥

माता पिता कहैं यहु मेरा। छिन माहैं जम किया नवेरा॥

नारी सुत सजन मिलि आयौ। बांधि लियौ जिव कहीं छुड़ायौ॥

देखै गांव सकल ही ठाढौ। सोइ सूर जे आवै आडौ॥

टीला कोई छूटै नहीं। जे उबरै तौ देखौ नहीं॥

स्रोत
  • पोथी : संत टीला पदावली ,
  • सिरजक : संत टीला ,
  • संपादक : बृजेन्द्र कुमार सिंघल ,
  • प्रकाशक : प्रकाशन संस्थान, दरियागंज, नयी दिल्ली
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