हाइ हाइ हाइ हाइ हाइ हाइ हाइ हाइ।

जनम अमोलिक जाइ जाइ जाइ जाइ॥

जनम पदारथ पायौ रे। हरखि हरखि गुण गाइ गाइ गाइ गाइ॥

तिल खिन रती निमष जिनि भूलै। गोब्यंद सूं ल्यौ लाइ लाइ लाइ॥

दया करी दत दीयौ आप। टीला निसदिन ध्याइ ध्याइ ध्याइ ध्याइ॥

स्रोत
  • पोथी : संत टीला पदावली ,
  • सिरजक : संत टीला ,
  • संपादक : बृजेन्द्र कुमार सिंघल ,
  • प्रकाशक : प्रकाशन संस्थान, दरियागंज, नयी दिल्ली ,
  • संस्करण : प्रथम
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