म्हे सुणी बैकुंठ में बाबूड़ां रो राज
अफसरिया बैठा रहै बै करै धारिया काज
करै धारिया काज रिसवतां खूब उड़ावै
पोपां बैठी पाट पोल मे ढोल घुरावै
कह काका कविराय सुरग में जाणो चावो
तो रिसवत भेजो तुरंत सीट नै बुक करवावो।