सुण हाकम संग्राम कह आंधो मत होई यार।
दो दो नेतर सबन के तेरे चहिए च्यार।
तेरे चहिए च्यार दोय देखण कूं बारै।
दोय हिया के मांहि जकां सूं न्याव निहारै।
जस अपजस रहसी अखै समै बार दिन चार।
सुण हाकम संग्राम कहै आंधो मत होई यार॥