बिल्ली रस्तो काटगी, झाला देती नार।

दोनू कानी मौत है, कै करलै भरतार।

कै करले भरतार, दूर स्यूं दीदा फाड़ै।

घरचण्डी है त्यार, धूळ झाड़ू सै झाड़ै।

चोखी लागी लार, काळजै गड़गी किल्ली।

या नोहथ्यो नार, बण्यो में भीगी बिल्ली॥

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : भगवती प्रसाद चौधरी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 15
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