देस मांय हुवै जद

पढ्या लिख्यां रो टोळो

फेर पड़ै कोनी कदैई

देस मांय विकास रो रोळो।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : रामजीलाल घोड़ेला ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-27
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