आभौ जागै चांदो जागै, कै म्हैं जागूं अेकली
सायब थानै जोता-जोता, दुनिया सारी देखली।
पीड़ हियै री म्हैं जाणूं, कै जाणै अेक चकोरी,
खाय-खाय नै अंगारा, बणगी हाय अघोरी
फेर-फेर नै पसवाड़ौ, अंगिया सारी फाटी
लाग-लाग नै ओळूं चोटां, तनड़ौ बणग्यो माटी
सायब थानै जोता-जोता, दुनिया सारी देखली।
थूं ही, थूं है दीखै नैणां, और न दीखै कोई
नदियां सारी बणगी सागर म्हैं तो इतरी रोई
म्हासूं कांई मूंगी थारी, लाम्पो लागै नौकरी
नितरो, नितरै जोबणियो, बणगी में तो डोकरी
सायब थानै जोता-जोता, दुनिया सारी देखली।
रातां म्हारो जीव अमूजै, दिन री बाट उडीकूं
तनड़ौ काम्पै, मनड़ौ काम्पै, कीकर पाती लिखूं
घूंट जहर रो लागै म्हनै, जद भी खाऊं रोटी
जीव करै चुगवादूं म्है, कागलिया नै बोटी
सायब थानै जोता-जोता, दुनिया सारी देखली।