सुण्यो है—

हुवणो हुवै प्रेम में मेळ

दो धारावां रो ईज

इणसूं टळनै

अणंत सूं हुय जावणो

पतित-पलायित

कांई प्रेम नीं ?

घुमा-फिरा'र सही !

स्रोत
  • पोथी : खोयोड़ै समदर रा सुपना ,
  • सिरजक : विजयसिंह नाहटा
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