सरवर खाय हबोळ डूंगरां मोर टहूकै

फर-फर पून झबोळ रुंखड़ां चिड़ा चहूकै

झर-झर झरणा झरै कबूतर करै किलोळां

टर-टर मींडक डेड़र तीतर भरै हिलोळां

भर बाथा में रुंख रूंख सूं लिपटी बेलां

हुयगी लूमाझूम कोड में कितरी फैलां

लख टोखी रै साथ बावळी कियां लटूमैं

पड़ प्रीतम रै हाथ जियां धण मूंढो चूमै

कंचन किरणां भाकर माथै ऐड़ी छितरी

कूंकूं काची कामण जाणै महलां इतरी

कुतर-कुतर चट चरै घास हिरण्यां रा टोळा

भरै चोकड़ी कदै फिरै बै होळा-होळा

फूल्या कीकर कैर बंधी है बानरवाळां

नदियां संमदर मांय चली चटका कर पाळां

बादळ बिजळी रमै रमै लहरां सूं पाणी

चांद चांदणी रमै पीड़ म्हारी कुण जाणी

बोलै मीठा बोल पपैया कोयल सूवा

मनै सुणीजै रोळ ओपरा हूवा हूवा

बंद राम रा बोल हुई आंखड़ल्यां आली

हेटी घाली धूण निहारै धरती खाली

आकळ बावळ जियो हियै में उठे हिलोरा

कदै साफ मैदान करै जम जावै धोरा।

स्रोत
  • पोथी : लिखना है। ,
  • सिरजक : श्रीमन्तकुमार व्यास
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