बो जोवै व्है

हरदम,

धूड़ रा बादल,

नींतर,

कदैई आंकी-बांकी,

तो कदैई,

सीधी होंवती लकीरां,

सुणै व्है,

पदचापां रो शोर,

अर,

चालतो ही रह्यै व्है,

'जीवन' जियां कै,

भीड़ रो,

छेकड़ आदमी।

स्रोत
  • पोथी : जागती जोत ,
  • सिरजक : संजय कुमार नाहटा 'संजू' ,
  • संपादक : डॉ. भगवतीलाल व्यास ,
  • प्रकाशक : राजस्थान साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर
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