जन रै खांधै

बैठा सूर

अरै भरपूर

तौ भी

ओजरी खाली

किण रौ कसूर?

स्रोत
  • पोथी : थार सप्तक 6 ,
  • सिरजक : अशोक जोशी 'क्रांत' ,
  • संपादक : ओम पुरोहित ‘कागद’
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