थै कैवो

क्रांति आवैली,

म्हैं सदां पूछूं

कद आवैली?

थै कैवो

जद सवाल करस्यो

बीं बगत आवैली।

म्हारै मुंडै सूं निकळै

कदी हिम्मद कोनी होवै

सवाल करण री।

थै कैवो-

क्यूं?

जे म्हैं सवाल करस्यां तो

देशद्रोही कुहास्यां

इब थै बताओ

देशद्रोहियां रै सारू

क्रांति आसी के?

स्रोत
  • पोथी : राजस्थली लोकचेतना री राजस्थानी तिमाही ,
  • सिरजक : सतीश सम्यक ,
  • संपादक : श्याम महर्षि ,
  • प्रकाशक : मरुभूमि शोध संस्थान
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