आव

के थनैं नवी घूण बगसणियो म्हैं

इण नींबडै री गैरी छीयां

सुधरायोड़ो खांडो लियां ऊभो हूं

पड़तां आखापाती

अर भोपै रै हाथ रो छांटो

धूज-धूज वू बावळा धूज

अर फिरण दे डील माथै

थारी बांझ धणियाणी रो हाथ

उणरी फळ्योड़ी कूख रा सपना छोड

कालै रा बैठायोड़ा कोडयां रा बणायोड़ा

अंदातारै नेतर सांम्ही भाळ

भाळ गांव रै उण पसवाडै रा बांठकां मांय

अर याद कर

बांठकां रा पानां सुरड़ती

गळे री टोकर री टणटणाट मांय

ढोल अर थाळी नै अणसुणी करती

थारै धणी री लाडली बेटी रै

छरर छरर अर ढरर ढरर रै बिचाळे

टुळतोड़ी ग्याभण मा नैं

करलै छेहलो बोबाड़

भोपै रै धूजतै पग रै सागै

बाजता ढोल अर थाळी सागै

लोगां री उठती-पड़ती निजरां सागै

यूं झिल-झिल माडाणी झिल अर

धूज-धूज के नेग री कोडाई

म्हारै बाहुड़ां री नसां फड़कण लागी है

मत कर बावळा जेज

अर मरोड़ सूं घांटी नै ताण

ताण उण परवाण के ज्यूं

काबरकी पारड़ी नैं सूंघ

ताण्या करतो हो

भुलाय न्हाक उणनै

के वा अबै पीळियै बकरै आगळ दोड़े है

इण अफसोस रै ओळवै

हिलाव नाड़ अर धूज

अर बैवण दै म्हारी बाढ़ाळी

कबंध व्हियां पछै

इतरो हळफळायो मत व्है

» सोच के खरवळा खोतरण सू

पूतळी डगमगाय जावैला

पण बावळा

तो कमर तांईं चिरमट में जड़ियोड़ी है

अर लारली इत्ती बरसातां

इणरी जड़ां जमाय दी है

जड़ां गैरी जड़ां के ज्यांरा तांता

मिनखां रैडीलां पांघरगा है

इणनै मैसूस अर सोच

मत भींच रगां ने इण भांत मत भींच

मत न्हाक इतरो ढाब डील माथै

मत फुदकाव इतरी कट्योड़ी घांटी नै

मत फैक लोई रा धारोळा इतरा अळगा

यूं सोचै के जमीं राती कर देवैला

पण बावळा थारै

रगत रै कातळां रै रातै रंग नै

तो अंदाता रो सिन्दूरी रंग चाट जावै

पण म्हैं देखू

जिद रा काटी अर रातै रंग रा रंगरेज

यूं फेर ग्याभण मा रै पेट में पळे

अर मोटो व्है

जे मोटो व्हैणो है तो

व्है मोटो मोटो व्है वळे मोटो व्है

म्हारी तरवार री पूग सू मोटो व्है

मेल खुरी अंदाता रै माथा माथै

अर काढ़ न्हाक

अमरिया अंदाता रै कानां री कुड़कली

तीखा सींगां सूं खोद न्हाक

इण नींबडै री जड़ां

अर मूत सूं धोय न्हाक

सिंदूर री पुड़तां

अंदाता बाजतै इण भाटै नै नागो कर दे

अक दम नागो

अर

काबरकी पारड़ी लारै बोबाड़ा करतो

टुरजा पाछो

टोळा बिचाळे।

[ 'पागी' सूं]

स्रोत
  • पोथी : आज री कवितावांं ,
  • सिरजक : चन्द्रप्रकाश देवल ,
  • संपादक : हीरालाल माहेश्वरी, रावत ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍सारस्वत ,
  • प्रकाशक : साहित्य अकादेमी ,
  • संस्करण : pratham