सुणो हो के!

थे क्यां खातर

कागद काळा करो

थारै ईं लीक-लिकोळिया नै

कुणसी लाछां बांचैगी।

स्याणी!

तूं भी तो

प्रेम पत्तर लिख्या

जणा सूवटियो मिल्यो

कोई कोई तो

मनै भी जांचैगी।

जुड़्योड़ा विसै