गुरूजी बोल्या
तेरी ईं किताब में तो
कोरस आधो ई
दीसै है
पूरो करसी कैयां
सरधा सूं
सिर झुकाय’र
बोल्यो लाल बुझक्कड़
गुरूजी सिस्य थांरो हूं
इसी-इसी
दो किताब लायो हूं?
‘साबास-बेटा’