मायतां रा फूल घालण

गियो परो हरिद्वार

न्हांवती बगत गंगा में डूब्यो

हुयग्यो बेड़ो पार।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : रामजीलाल घोड़ेला ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-27
जुड़्योड़ा विसै