लोगां में

अंधविस्वास

कै जठै बोलै कोचर

उजड़ ज्यावै वौ घर

सोच’र

घाल दिया भाटा

कोचर रै घर रूपी

खोगाळ में

पण

समझ नीं सकी कोचरी

कै घर

म्हैं उजाडू या अै मिनख।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : सुखदेव राव ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक–18
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