धूजै लागो ढोलियो, चाली ताती पून।
टाबरिया सुसकै नहीं, घर में छाई सून॥
घर में छाई सून, सुहागण हथणी आई।
घूचरिया सा च्यार, भतीजा सागै ल्याई॥
बोल्यां काडै सींग, कहो, कुण जम नै पूजै।
कनक छड़ी को रूप, देख डूंगर भी धूजै॥