बीनणी दाईं

मूंढो लुका'र

आवती सिंझ्या

आंगणै पसर्योड़ै

तावड़ै रै

थान नै सांवट'र

लटकाय देवै

भींत माथै

चिलकतै रुमाल दांई

भटकावै म्हारो ध्यान

बास-गळी री

घाई-घुत्ती मांय

अर फेर

झटकै सूं लेय उडै

चिलकतै रुमाल नै

रूंख री टोगी माथै

अर बठै सूं

आथूण री

बळझळती रोही मांय

लटक्योड़ै लालबम्म

आलणै कानी।

स्रोत
  • पोथी : कंवळी कूंपळ प्रीत री ,
  • सिरजक : रेणुका व्यास 'नीलम' ,
  • प्रकाशक : बोधि प्रकाशन
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