बीनणी घरै आयां पछै

बहू बणगी सासू

रोब जमावै, गाळ काढ़ै

बीनणी रा रूकै कोनी आंसू।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : रामजीलाल घोड़ेला ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-27
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