अेक नान्हीं-सी चिड़कली

परभात पैलां

भींत माथै टंकी

म्हारी तस्वीर री

चोखट पै आ’र बैठ जावै है

थोड़ी वेळा

देखती रैवै कांई कै जाणा

म्हारी तस्वीर में

अर पछै करोध में भर नै

चोंचा मारै काच पै

म्हैं अबै

म्हारी तस्वीर पै

पर्दो टांक दीदो है।

स्रोत
  • पोथी : जलम भोम ,
  • सिरजक : प्यारचंद साथी ,
  • संपादक : मूळचंद 'प्राणेश' ,
  • प्रकाशक : राजस्थानी भाषा प्रचार प्रकाशन, बीकानेर (राज.) ,
  • संस्करण : 2-3, जून-दिसम्बर
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