‘ईं नैं तो बै ईज चकै

जिका नीच काम करै’।

आं सबदां सूं

सिड़ांध

कीं और बेसी होयगी।

सो’ कीं भभकै

पण पतो नीं चालै

बेसी किस्यो भभकै?

अेक नीच आयो

अर अेक सिड़ांध नैं

कम करदी

सैंग मिनखां रै

मूंडै माथै हो

‘आछो काम करयो’।

पण बा

बियां ईज भभकै।

स्रोत
  • पोथी : साहित्य बीकानेर ,
  • सिरजक : कुमार श्याम ,
  • संपादक : देवीलाल महिया ,
  • प्रकाशक : महाप्राण प्रकाशन, बीकानेर ,
  • संस्करण : प्रथम
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